पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक संबोधन में इन कानूनों को निरस्त करने के फैसले की घोषणा की थी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के उद्देश्य से कानून को मंजूरी दे दी गई है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट बैठक के बाद कहा कि जिन विधेयकों को पहले राज्यसभा और लोकसभा ने मंजूरी दी थी, उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में पूरी हो जाएगी।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले शुक्रवार को राष्ट्र के नाम एक संबोधन में इन कानूनों को रद्द करने के सरकार के फैसले की घोषणा की थी।

दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए कई राज्यों के किसानों के समूहों के लंबे समय से विरोध के बाद यह निर्णय लिया गया।

"आज मैं आपको, पूरे देश को बताने आया हूं, कि हमने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू हो रहे संसद सत्र में हम इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी किसानों से अपना आंदोलन खत्म करने और घर लौटने की अपील की थी।

निरस्त किए जाने वाले तीन कानून हैं:

*किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम का समझौता

* किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम

* आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020