मंत्रालय सहकारिता के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' की प्रक्रियाओं को कारगर बनाने के लिए काम करेगा

सरकार ने भारत में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में काम करने के लिए एक अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया है।


यह निर्णय इस साल की शुरुआत में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा किए गए वादे के अनुरूप है।


कैबिनेट सचिवालय ने इसे 'ऐतिहासिक कदम' बताते हुए मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार ने 'सहकार से समृद्धि' के सपने को साकार करने के लिए अलग मंत्रालय बनाया है।


यह मंत्रालय देश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए एक अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा मुहैया कराएगा।


यह सहकारी समितियों को जमीनी स्तर तक पहुंचने वाले एक सच्चे जन आधारित आंदोलन के रूप में गहरा करने में मदद करेगा।


मंत्रालय सहकारिता के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और बहु-राज्य सहकारी समितियों (एमएससीएस) के विकास को सक्षम बनाने के लिए काम करेगा।


कैबिनेट सचिवालय ने समझाया "हमारे देश में, एक सहकारी आधारित आर्थिक विकास मॉडल बहुत प्रासंगिक है जहां प्रत्येक सदस्य जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करता हैl"

केंद्र सरकार ने समुदाय आधारित विकासात्मक भागीदारी के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है।