मालदीव विदेशमंत्री शाहिद एवं भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर दोनों आपसी मुलाकात पर द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे

विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के दौरान विदेशमंत्री शाहिद शुक्रवार को विदेशमंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे और आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

मालदीव के विदेशमंत्री शाहिद "फाइनेंस फॉर सन" और "महामारी के बाद वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य" पर वर्चुअल मोड में रायसीना डायलॉग में भाग लेंगे।

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में विज़न ‘SAGAR’ के तहत एक केंद्रीय और विशेष स्थान रखता है।

विदेशमंत्री शाहिद की यात्रा से दोनों देशों के बीच घनिष्ठ द्विपक्षीय सहयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।

फरवरी में भारत के विदेशमंत्री एस जयशंकर ने मालदीव के विदेश मामलों के मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के निमंत्रण पर मालदीव का दौरा किया था।

जयशंकर और शाहिद ने संबंधों को और मजबूत बनाने और सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो भारत के क्रेडिट ऑफ लाइन (LoC) के माध्यम से द्वीपसमूह राष्ट्र में वित्तपोषित हैं।

अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, जयशंकर ने मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह, पीपल्स मजलिस के अध्यक्ष मोहम्मद नशीद के अलावा विदेश मामलों, रक्षा, वित्त, आर्थिक विकास, खेल, राष्ट्रीय योजना, आवास और बुनियादी ढांचे के मंत्रियों के साथ बैठकें भी कि थी।

दोनों देशों ने कोविड-19 महामारी से लड़ने में निकट सहयोग का आश्वासन दिया है।

29 मार्च को, मालदीव को सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से प्राप्त कोविशिल्ड वैक्सीन की 100,000 खुराक की खेप प्राप्त हुई।

भारत से टीकों की आपूर्ति ने मालदीव को अपने लोगों को कोविड-19 टीकों की दूसरी खुराक का प्रबंध शुरू करने की अनुमति दी। मालदीव को पहले कोविड-19 वैक्सीन की 200,000 खुराकें जनवरी और फरवरी में भारत सरकार से उपहार के रूप में मिली थीं।