जम्मू और कश्मीर में सैकड़ों बेरोज़गारों के जीवन में बदलाव कि उम्मीद

लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा कि, जम्मू-कश्मीर जल्द ही फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करने और केंद्र शासित प्रदेश में फिल्म निर्माण के सुनहरे युग को वापस लाने के लिए एक नई नीति कि तयारी में जूटा है।

एसकेआईसीसी द्वारा आयोजित डल झील के तट पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि कश्मीर के विभिन्न पर्यटन स्थल 1960 और 1970 के दशक में मुंबई स्थित फिल्म उद्योग के पसंदीदा स्थल थे।

सिन्हा ने कहा, "आने वाले सप्ताह या दस दिनों में, जम्मू और कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश सिल्वर स्क्रीन पर कश्मीर के स्वर्ण युग को वापस लाने के लिए एक नई फिल्म नीति के साथ आएगा।“ सैकड़ों गैर-पंजीकृत गंतव्य हैं, जिनके बारे में लोगों को पता नहीं है, लेकिन उनका प्रशासन उन्हें पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कदम उठाया जा रहा है। साथ ही ऐसे स्थानों पर सार्वजनिक और निजी निवेश के साथ बुनियादी ढांचे के विकास के लिए काम शुरू किया गया है। हमने देखा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद, कश्मीर में पिछले साल दिसंबर से देश में सबसे अधिक घरेलू पर्यटक आगमन हुए हैं। पर्यटन क्षेत्र महामारी से सबसे अधिक प्रभावित है। हमने पर्यटकों एवं जम्मू और कश्मीर के लोगों के स्वास्थ्य पर कोई समझौता किए बिना पर्यटन के पुनरुद्धार के लिए कई कदम उठाए हैं।

पर्यटन को पुनः शुरू करने से उद्योग से जुड़े हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलने कि संभावना है। पिछले साल सितंबर के महीने में जम्मू और कश्मीर में बेरोजगारी की दर 16.1 फीसदी थी, लेकिन इस साल मार्च के महीने के ताजा आंकड़ों के मुताबिक यह घटकर नौ फीसदी रह गई है। दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और गोवा जैसे कई पर्यटन स्थलों पर बेरोजगारी दर J & K से बहुत अधिक है। मेरा मानना है कि इस उपलब्धि के लिए पर्यटन क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है।

एलजी ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में, UTs में पर्यटकों की आवक में और वृद्धि होगी, जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था को बढ़ने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, "जम्मू और कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाने की अपार संभावना है और उस क्षमता को बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं।"

सिन्हा ने केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल के प्रति आभार व्यक्त व्यक्त करते हुए कहा कि, UTs में पर्यटन को बहाल करने के लिए- पांच स्तंभ पर ज्यादा फोकस रहेंगे, जिसमें पर्यटन उद्योग के लिए सतत विकास, आतिथ्य क्षेत्र को मजबूत करना, मानव संसाधन विकास, गोल्फ का विकास और भोजन को लोकप्रिय बनाना शामिल है।

पटेल ने कहा कि, अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, हमने जनवरी 2020 और जनवरी 2021 के बीच बहुत अंतर देखा है। पर्यटकों की संख्या पांच गुना बढ़ गई, इस माहौल को और बेहतर बनाने के लिए यह आयोजन किया गया है। श्रीनगर में जिस तरह से पर्यटकों का आगमन शुरू हुआ है, उसमें गैर-जरूरी जगहों और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों पर बुनियादी ढांचे में सुधार करने की आवश्यकता है। इसलिए, इसके लिए यह जरूरी है कि हम मिलें, चर्चा करें और सुझाव दें और मैं इस कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं।

पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि, 'पृथ्वी पर स्वर्ग' को पर्यटन की क्षमता के साथ बहुतायत से प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन कश्मीर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि अधिकांश आर्थिक गतिविधियां पर्यटन और संबद्ध सेवाओं पर आधारित हैं।