‘मेड-इन-इंडिया’ वैक्सीनों की आपूर्ति हमारी घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखना जारी रखेगी

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की आपूर्ति देश की घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखना जारी रखेगी भारत ने कोविड-19 टीकों के निर्यात पर प्रतिबंध नहीं लगाया है।

गुरुवार को नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "मैं दोहराता हूं कि टीकों के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं है।"

उन्होंने कहा, "वास्तव में हमारे मंत्रालय की वेबसाइट नियमित रूप से अपडेट की जाती है ताकि टीके की आपूर्ति समय-समय पर हो सके।"

MEA के प्रवक्ता ने 'GAVI' और 'COVAX' के तहत अपनी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को पूरा नहीं करने के लिए AstraZeneca एवं भारत के सीरम इंस्टीट्यूट को नोटिस भेजने के सवाल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "सीरम इंस्टीट्यूट के लिए विशिष्ट मुद्दे के बारे में, मैं आपको कंपनी का संदर्भ दूंगा, जिस पर वे स्वयं उस प्रश्न का उत्तर देने के लिए सर्वश्रेष्ठ होंगे।”

एमईए की वेबसाइट के अनुसार, 9 अप्रैल की सुबह 10 बजे तक, भारत ने कुल 645.12 लाख टीके दिए हैं, जो कि वाणिज्यिक समझौतों के तहत और कोवैक्स सुविधा के हिस्से के रूप में दिए गए हैं।

भारत में निर्मित ‘मेड-इन-इंडिया’ वैक्सीन की कुल संख्या में से, 105.25 लाख अनुदान के रूप में, 357.92 लाख वाणिज्यिक समझौतों के तहत और 181.95 कोवैक्स सुविधा के तहत आपूर्ति की गई हैं।

भारत के ‘वैक्सीन मैत्री‘ पहल के तहत, 85 देशों में मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की आपूर्ति की गई है।