वैक्सीन से देश की अधिकांश आबादी को वायरस के खिलाफ टीकाकरण के प्रयासों को बढ़ावा देने की उम्मीद है

दुनिया की फार्मेसी के रूप में अपनी भूमिका का प्रदर्शन करते हुए, भारत ने मंगलवार को नाइजीरिया को कोविड -19 टीकों की 100,000 खुराक दान की।

भारतीय उच्चायोग, अबुजा, नाइजीरिया द्वारा एक ट्वीट किया गया कि “सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित मेड इन इंडिया ’कोविड -19’ टीकों की 100,000 खुराक की एक खेप औपचारिक रूप से भारत के उप-उच्चायुक्त वीएस डीडी सुरेन्द्र द्वारा फेडरेशन सरकार के सचिव बॉस मुस्तफा को सौंप दिया गया।“

इससे पहले, भारतीय उच्चायोग द्वारा दिनांक 2 अप्रैल को एक विज्ञप्ति में कहा गया था कि 26 मार्च को अदीस अबाबा के रास्ते मुम्बई से टीके अबूजा हवाई अड्डे पर 1200 बजे पहुंचे। इस खेप को भारतीय उच्चायोग द्वारा राष्ट्रीय प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल विकास एजेंसी को वितरित किया गया।

यह कहते हुए कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित कोविशिल्ड वैक्सीन, NAFDAC, नाइजीरिया द्वारा अनुमोदित पहली कोविड -19 वैक्सीन है, उच्चायोग की विज्ञप्ति में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समर्थित COVAX सुविधा के तहत वैक्सीन की 3.92 मिलियन खुराक की पहली लॉट 2 मार्च को नाइजीरिया पहुंच गई थी।

उस समय के रिलीज़ में उचायुक्त अभय ठाकुर द्वारा घोषणा अनुसार, मेड इन इंडिया वैक्सीन की 100,000 खुराक का दान भारत ने घोषणा की पूर्ति के रूप में किया।

कोविड -19 पर नाइजीरिया के राष्ट्रपति के टास्क फोर्स के अध्यक्ष मुस्तफा ने स्थानीय चैनल टेलीविजन में एक रिपोर्ट के अनुसार कहा कि भारत द्वारा नाइजीरिया को दान किए गए टीके नाइजीरियाई लोगों में वैक्सिनेशन संख्या को बढ़ाने में मदद करेंगे, लगभग 50,000 लोगों को इससे टीका लगाया जाएगा।

COVAX के तहत वैक्सीन की खुराक प्राप्त करने के बाद नाइजीरिया ने अपना कोविड -19 टीकाकरण अभियान शुरू किया था।

चैनल टेलिविजन की रिपोर्ट में कहा गया है कि नाइजीरिया ने राष्ट्रीय प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल विकास एजेंसी के अनुसार, कोविद -19 वायरस के खिलाफ 964,387 पात्र व्यक्तियों को टीका लगाया था।

इजीरिया की संघीय सरकार ने कहा है कि वह 200 मिलियन से अधिक आबादी में से 70 प्रतिशत से कम का टीकाकरण नहीं करना चाहती है।

यह भी कहा गया कि अधिक वैक्सीन की खुराक अभी भी COVAX से और साथ ही अफ्रीकी निर्यात-आयात बैंक द्वारा वित्तपोषित एक अफ्रीकी संघ योजना से अपेक्षित हैं।