भारत और रूस विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदार हैं जिसका वे मजबूत सैन्य, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, व्यापार और वाणिज्य संबंधों के विषय में चर्चा के लिए उपयोग करते हैं

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं, इस यात्रा से नई दिल्ली और मास्को को द्विपक्षीय संबंधों के पहलुओं पर चर्चा करने और भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आधार बनाने का अवसर प्राप्त हुआ है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "यह यात्रा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने, अगले भारत रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करने और संभवतः आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने का एक अनूठा अवसर होगा।"

रूसी दूतावास ने एक बयान में कहा " सर्गेई लावरोव अपने यात्रा के दौरान, आगामी उच्च और उच्चतम स्तर की बैठकों के साथ-साथ 4-5 सितंबर, 2019 को व्लादिवोस्तोक में आयोजित 20वीं रूसी-भारतीय शिखर सम्मेलन के परिणामों के कार्यान्वयन पर जोर देने के साथ द्विपक्षीय संबंधों के सामयिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।"

रूसी विदेश मंत्री अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ बैठक के दौरान, संयुक्त राष्ट्र, एससीओ, ब्रिक्स और आरआईसी में बातचीत सहित क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

रूसी दूतावास ने कहा, "एशिया-प्रशांत क्षेत्र और अफगानिस्तान में स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।"

दूतावास ने कहा “भारत एक जिम्मेदार और प्रभावशाली वैश्विक खिलाड़ी है। हम उभरते पॉलीसेंट्रिक वर्ल्ड ऑर्डर के मॉडल के समान दृष्टिकोण को साझा करते हैं। दूतावास ने कहा कि हम अच्छी इच्छा, सहमति और समानता के सिद्धांतों के आधार पर सामूहिक काम को महत्व देते हैं, टकराव के दृष्टिकोण को अस्वीकृत करते हैं।“

दूतावास ने अपने एक और बयां में कहा, "हम विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी की भावना के साथ नियमित रूप से अपने पदों की स्थिति की जांच करते हैं और वैश्विक शासन में सुधार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय समन्वय भूमिका को मजबूत करने सहित मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर दृष्टिकोण का समन्वय करते हैं।"