पिछले सप्ताह भी भारत में मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की आपूर्ति कई देशों में की गई है : भारतीय उच्चायोग

श्रीलंका में वैक्सीन के दूसरे चरण के लिए कोविड-19 टीकों की आपूर्ति पर चिंता जताते हुए, रविवार को कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि नई दिल्ली ने कोविड-19 टीकों पर कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं लगाया है।

भारत से श्रीलंका तक एस्ट्राजेनिक कोविड-19 टीकों की आपूर्ति के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में, कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी कर कहा कि कोविड-19 के टीकों पर कोई निर्यात प्रतिबंध नहीं है, पिछले सप्ताह भी भारत में मेड-इन-इंडिया वैक्सीन की आपूर्ति कई देशों में की गई है।

यह कहा गया है कि श्रीलंका उन 80 देशों में शामिल है, जिसमें मेड-इन-इंडिया कोविड-19 वैक्सीन की कुल 64 मिलियन खुराक की आपूर्ति की गई है, द्विपक्षीय उपहार के रूप में, कोवैक्स सुविधा और वाणिज्यिक आदेशों के माध्यम से, किसी भी देश ने अपनी खुद की आबादी का टीकाकरण करते समय, इतनी बड़ी मात्रा में कोविड-19 टीकों को दुनिया के साथ साझा नहीं किया है।

भारतीय उच्चायोग के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि, "भारत के करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत ने यह सुनिश्चित किया कि श्रीलंका के लोग भारत में कोविड-19 टीकाकरण शुरू होने के कुछ दिनों के भीतर ही वैक्सीन उत्पादन में भारत की वैश्विक प्रगति का लाभ उठाएं।"

बयान में बताया गया है कि मेड इन इंडिया कोविशिल्ड वैक्सीन की 1.25 मिलियन से अधिक खुराक श्रीलंका को दी जा चुकी है। भारत में कोविड-19 टीकों का उत्पादन घरेलू आवश्यकता और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए किया जा रहा है,जो कि लगातार जारी रहेगा। इसी वर्ष जनवरी में भारत से एक उपहार के रूप में एस्ट्राजेनिक कोविड-19 टीके की विधिवत स्वीकृति के आने से श्रीलंका में महामारी के खिलाफ टीकाकरण सक्षम हो गया है।

भारतीय उच्चायोग के बयान में यह भी कहा गया है कि, ’वैक्सीन मैत्री’ पहल के तहत भारत द्वारा कोविड-19 टीकों की आपूर्ति भारत को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध वैक्सीन विनिर्माण क्षमताओं का उपयोग करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जो कि कोविड-19 महामारी से लड़ने में बड़ी वैश्विक भलाई के लिए कार्य कर रहा है।